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VOL. 1, ISSUE 1 (2015)
हिंदी का अतीत, वर्तमान और भविष्य
Authors
किरण ग्रोवर
Abstract
हिंदी भरत में राष्ट्र भाषा के पद पर विराजमान है। इसका इतिहास स्वर्णिम है। जो एक विशाल परम्परा को अपने में समाए हुए है। इसमें प्रचुर मात्रा में साहित्य की रचना की गई है। हिंदी के अंर्तर्गत उत्तर भरत में बोली जाने वाली समस्त भाषाएँ सम्मिलत है। जिनका आज परिश्कृत उवं परिमार्जित रुप हमारे समक्ष विद्यमान है। हिंदी अपने वर्तमान रुप में सभी गुणों से समृद्ध है तथा अपने उजले भविष्य को संजोए हुए है।
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Pages:08-09
How to cite this article:
किरण ग्रोवर "हिंदी का अतीत, वर्तमान और भविष्य". International Journal of Hindi Research, Vol 1, Issue 1, 2015, Pages 08-09
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