| 1 | गोस्वामी तुलसीदास और रामराज्य की अवधारणा |
| 2 | भारत की लिपियाॅं एवं देवनागरी लिपि Authors: बेबी श्रीमंत खिलारे |
| 3 | प्राचीन भारतीय ग्रन्थों में महिलाओं की स्थिति: कौटिल्य के अर्थशास्त्र के विशेष संदर्भ में एक अवलोकन |
| 4 | सरदार बल्लभभाई पटेल का व्यक्तित्व, कृतित्व व एक भारत श्रेष्ठ भारत Authors: अयोध्या प्रसाद सिंह |
| 5 | प्रभा खेतान के उपन्यासों में स्त्री का मनोवैज्ञानिक विश्लेषण |
| 6 | प्रामाणिक वैष्णव-भक्ति संप्रदाय Authors: दीपक कुमार गुप्ता |
| 7 | अर्थ की अवधारणा-अपोहवाद: धर्मकीर्ति के विशेष सन्दर्भ में |
| 8 | सुब्रह्मण्य भारती की कविताओं में विश्व बंधुत्व की भावना |
| 9 | वर्तमान सन्दर्भ में मनु शर्मा के पौराणिक उपन्यासों का महत्व Authors: धर्मेन्द्र कुमार सिन्हा |
| 10 | वर्तमान परिप्रेक्ष्य में प्रत्याहार की उपादेयताः एक अध्ययन Authors: जसबीर, ज्योति शर्मा |
| 11 | हिन्दी साहित्यिः आलोचना रूप एवं समस्याये |
| 12 | युग निर्माता आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदीः एक जीवन परिचय |
| 13 | द्विवेदी युग में हिंदी नवजागरण |
| 14 | आधुनिक जीवन में असाध्य रोगों पर योग का प्रभाव |
| 15 | प्रेमचन्द के उपन्यासों में स्त्री अस्मिता के प्रश्न |
| 16 | वर्तमान समाज में प्रेमचंद की कहानियों की प्रासंगिकता Authors: Savita Chandru Chawan |
| 17 | मंगलेश डबराल की कविताओं में संवेदना |
| 18 | जॉन रॉल्स का न्याय का सिद्धांत और भारत का संविधान: तुलनात्मक अध्ययन Authors: गजेन्द्र, निखिल कुमार, केशव चंद्र |
| 19 | वसिष्ठ संहिता मे यम और नियम का स्वरूप एक अध्ययन Authors: ज्योति शर्मा, प्रो. गणेश शंकर गिरि |
| 20 | वैश्वीकृत विश्व में साम्राज्यवाद के विरुद्ध खड़ी नव वामपंथी कविता |
| 21 | फणीश्वर नाथ रेणुः एक लोकतात्विक पुरोधा |
| 22 | शैक्षिक अवसरों में समानता एंव निकोबारी आदिवासी समाज Authors: विनीता सिंह गोपालकृष्णन, कु0 राखी |
| 23 | डॉ. शील कौशिक की कहानियों में पारवारिक रिश्ते |
| 24 | डाॅ. विष्णु विराट के स्फुट काव्य-भाव एवं शिल्पगत-अनुशीलन Authors: नित्य नूतन पाराशर |
| 25 | मूक लोकतंत्र से कविताई संवाद |
| 26 | हिंदी में बाल-नाटक की परंपरा Authors: मनोज कुमार गुप्ता |
| 27 | एक लेखिका की संघर्ष गाथा: पिंजरे की मैना |
| 28 | बदलते साहित्यिक परिदृश्य में मिथकीय उपन्यासों की प्रासंगिकता |
| 29 | साहित्य में स्त्री-पुरूष संबंध (आधार ग्रंथ - ‘कामायनी‘) |
| 30 | उपन्यास ‘पोस्ट बाक्स नं. 203 नाला सोपारा’ की संवेदनात्मक अनुभूति |
| 31 | ‘मगध-महिमा’ के इतिहास-बोध का महत्व |
| 32 | वृंदावन लाल वर्मा के ऐतिहासिक उपन्यास मृगनयनी में भारतीय संस्कृति का चित्रण |
| 33 | टीपू सुल्तान का मूल्यांकन |
| 34 | काषी के अस्सी में आँचलिकता |
| 35 | शिवमूर्ति की कहानियों में ग्रामीण स्त्री की मुक्ति चेतना Authors: प्रदीप कुमार साव |
| 36 | समकालीन हिंदी प्रवासी साहित्य Authors: विजयश्री सातपालकर |
| 37 | स्त्री चिंतन का वैचारिक आधार: थेरीगाथा |
| 38 | प्रवासी साहित्यः परिभाषा व अवधारणा |
| 39 | |
| 40 | कबीर की मध्यकालीन दृष्टि और स्त्री |
| 41 | सामाजिक-आर्थिक स्थिति के परिप्रेक्ष्य में मानवी बीमारियां: एक अध्ययन Authors: सुभाष भिमराव दोंदे |
| 42 | हठयौगिक ग्रंथों में प्रत्याहार का स्वरूप Authors: ज्योति शर्मा, प्रो. गणेश शंकर गिरि |
| 43 | आचार्य रामचन्द्र शुक्ल का सांस्कृतिक अवदानः आलोचनागत सन्दर्भ में Authors: राम गोपाल चतुर्वेदी |
| 44 | जयशंकर प्रसाद के काव्य में राष्ट्र जागरण के स्वर Authors: कुमारी वाग्वी, प्रिंस कुमार |
| 45 | प्रेमचंद की कहानियों में बाल-चरित्र और तद्युगीन भारती समाज |
| 46 | बेनीपुरी जी के संस्मरणों का कथ्यगत विश्लेषण |
| 47 | हिंदी मिश्र वाक्य में विशेषण उपवाक्य |
| 48 | मिथिलेश्वर के उपन्यास ‘यह अंत नहीं’ में स्त्री जीवन: शोषण और संघर्ष Authors: सुनील कुमार वर्मा |
| 49 | प्रबोध कुमार गोविल का रचना संसार Authors: मदालसा मणि त्रिपाठी |
| 50 | काशीनाथ सिंह के कथा साहित्य में सांस्कृतिक विमर्श |
| 51 | उत्तराखण्ड का आंचलिक इतिहास एवं संस्कृति Authors: डाॅ. सुनीता कुमारी |
| 52 | वर्तमान परिदृश्य में अनुवाद की प्रासंगिकता Authors: अर्चना श्रीवास्तव |
| 53 | विद्यापति भक्त कवि थे अथवा श्रृंगारी Authors: डॉ. सन्तोष कुमार पाण्डेय |