| S.No. | Title and Authors Name |
|---|---|
| 1 | दक्षिण भारत में हिन्दी का स्थानमान Authors: जयनागेश एनएम Pages:1-4 How to cite this article: ज. ए. "दक्षिण भारत में हिन्दी का स्थानमान". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 2, 2026, Pages 1-4 |
| 2 | |
| 3 | गोदान में भारतीय समाज का यथार्थ: किसान जीवन सघंर्ष, नारी चेतना और ग्रामीण.शहरी जीवन का तुलनात्मक अध्ययन Authors: Najiya Mohammad Pages:8-12 How to cite this article: Mohammad N. " गोदान में भारतीय समाज का यथार्थ: किसान जीवन सघंर्ष, नारी चेतना और ग्रामीण.शहरी जीवन का तुलनात्मक अध्ययन". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 2, 2026, Pages 8-12 |
| 4 | |
| 5 | |
| 6 | केदारनाथ ‘शब्द मसीहा‘ के लघुकथा, कहानी और व्यंग्य में अस्मिता परक यथार्थ Authors: डॉ. योगेश कुमार तारक Pages:18-21 How to cite this article: ड. य. क. त. "केदारनाथ ‘शब्द मसीहा‘ के लघुकथा, कहानी और व्यंग्य में अस्मिता परक यथार्थ". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 2, 2026, Pages 18-21 |
| 7 | |
| 8 | |
| 9 | |
| 10 | “मन्नू भंडारी की कहानियों में मध्यवर्गीय नारी का संघर्ष” Authors: कैलाश चन्द्र खटीक, डॉ. रामकृष्ण शर्मा Pages:28-31 How to cite this article: खटीक क. च., शर्मा ड. र. "“मन्नू भंडारी की कहानियों में मध्यवर्गीय नारी का संघर्ष”". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 2, 2026, Pages 28-31 |
| 11 | टूटते रिश्तों के बीच बिखरता बचपन: आपका बंटी का मनोवैज्ञानिक एवं साहित्यिक विश्लेषण Authors: M d Imtiyaz Pages:32-37 How to cite this article: Imtiyaz M. d. "टूटते रिश्तों के बीच बिखरता बचपन: आपका बंटी का मनोवैज्ञानिक एवं साहित्यिक विश्लेषण". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 2, 2026, Pages 32-37 |
| 12 | श्रीलाल शुक्ल का ‘बिस्रामपुर का संत’: सत्ता, संतत्व और समाज का त्रिकोण Authors: देवेन्द्र सिंह सोलंकी, डॉ. रामकृष्ण शर्मा Pages:38-41 How to cite this article: सोलंकी द. स., शर्मा ड. र. "श्रीलाल शुक्ल का ‘बिस्रामपुर का संत’: सत्ता, संतत्व और समाज का त्रिकोण". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 2, 2026, Pages 38-41 |
| 13 | |
| 14 | डॉ० दिनेश कुशवाह का काव्य संग्रह ‘इसी काया में मोक्ष’ : समकालीन जीवन, श्रम और संवेदना का काव्य-दस्तावेज Authors: मोनिका Pages:45-47 How to cite this article: म. "डॉ० दिनेश कुशवाह का काव्य संग्रह ‘इसी काया में मोक्ष’ : समकालीन जीवन, श्रम और संवेदना का काव्य-दस्तावेज". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 2, 2026, Pages 45-47 |
| 15 | नव संवत्सर, रामनवमी एवं हनुमान जयंती का समकालीन महत्वरू भारतीय परंपरा और आधुनिक संदर्भ में एक विश्लेषणात्मक अध्ययन Authors: डॉ. ए. के. द्विवेदी Pages:48-49 How to cite this article: द्विवेदी ड. ए. क. "नव संवत्सर, रामनवमी एवं हनुमान जयंती का समकालीन महत्वरू भारतीय परंपरा और आधुनिक संदर्भ में एक विश्लेषणात्मक अध्ययन". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 2, 2026, Pages 48-49 |
| 16 | |
| 17 | |
| 18 | लगान, संघर्ष और स्वराज: संयुक्त प्रांत में किसान आंदोलन का संक्रमणकाल (1937–1947) Authors: डॉ. मुनेन्द्र सिंह Pages:56-63 How to cite this article: सिंह ड. म. "लगान, संघर्ष और स्वराज: संयुक्त प्रांत में किसान आंदोलन का संक्रमणकाल (1937–1947)". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 2, 2026, Pages 56-63 |
| 19 | भारतीय शिक्षा के क्षेत्र में ईसाई शिक्षण संस्थानों का मुख्य योगदान Authors: डॉ. पूजा धामिजा, अर्चना विद्यानंद आठवले Pages:64-65 How to cite this article: धामिजा ड. प., आठवले
अ. व. "भारतीय शिक्षा के क्षेत्र में ईसाई शिक्षण संस्थानों का मुख्य योगदान". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 2, 2026, Pages 64-65 |
| 20 | |
| 21 | मालती जोशी की कहानियों में मध्यम वर्गीय स्त्री जीवन का यथार्थ चित्रण Authors: डॉ. जयपाल सिंह प्रजापति, श्रीमती शालिनी सिंह Pages:70-71 How to cite this article: प्रजापति ड. ज. स., श. श. स. "मालती जोशी की कहानियों में मध्यम वर्गीय स्त्री जीवन का यथार्थ चित्रण". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 2, 2026, Pages 70-71 |
| 22 | |
| 23 | |
| 24 | भगवान परशुराम जयंती एवं अक्षय तृतीया का धार्मिक महत्त्व: भारतीय ज्ञान परंपरा के परिप्रेक्ष्य में एक शोध-पत्र Authors: डॉ. ए के द्विवेदी Pages:77-78 How to cite this article: द्विवेदी ड. ए. क. "भगवान परशुराम जयंती एवं अक्षय तृतीया का धार्मिक महत्त्व: भारतीय ज्ञान परंपरा के परिप्रेक्ष्य में एक शोध-पत्र". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 2, 2026, Pages 77-78 |
| 25 | |
| 26 | |
| 27 | देश के राष्ट्र निर्माण में द्वारिका प्रसाद तिवारी ‘विप्र’ का अवदान Authors: डॉ. मुमताज़ परवीन Pages:83-85 How to cite this article: परवीन ड. म. "देश के राष्ट्र निर्माण में द्वारिका प्रसाद तिवारी ‘विप्र’ का अवदान". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 2, 2026, Pages 83-85 |
| 28 | दलित साहित्य और आदिवासी साहित्य का अंतःसंबंध : एक आलोचनात्मक अध्ययन Authors: सोमनाथ, डॉ गीतू Pages:86-88 How to cite this article: सोमनाथ., गीतू ड. "दलित साहित्य और आदिवासी साहित्य का अंतःसंबंध : एक आलोचनात्मक अध्ययन". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 2, 2026, Pages 86-88 |
| 29 | |
| 30 | भक्ति, नैतिक प्रतिरोध और पिंगल छंद: हरियाणवी रागनी परंपरा में ‘किस्सा भगत पूरणमल’ का समालोचनात्मक अध्ययन (रागनी 1–8 के संदर्भ में) Authors: आनन्द कुमार आशोधिया Pages:92-94 How to cite this article: आशोधिया आ. क. "भक्ति, नैतिक प्रतिरोध और पिंगल छंद: हरियाणवी रागनी परंपरा में ‘किस्सा भगत पूरणमल’ का समालोचनात्मक अध्ययन (रागनी 1–8 के संदर्भ में)". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 2, 2026, Pages 92-94 |
| 31 | |
| 32 | 21वीं सदी की आदिवासी हिन्दी कहानियों में बदलता भारतीय सामाजिक-सांस्कृतिक परिदृश्य: एक विश्लेषण Authors: अर्चना मीणा Pages:99-104 How to cite this article: अ. म. "21वीं सदी की आदिवासी हिन्दी कहानियों में बदलता भारतीय सामाजिक-सांस्कृतिक परिदृश्य: एक विश्लेषण". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 2, 2026, Pages 99-104 |
| 33 | |
| 34 | |
| 35 | |
| 36 | |
| 37 | |
| 38 | |
| 39 | हरियाणा के नाट्य साहित्य और हरियाणा साहित्य अकादमी की भूमिका Authors: मोनिका, डॉ. आशा सहारण Pages:131-134 How to cite this article: मोनिका., सहारण ड. आ. "हरियाणा के नाट्य साहित्य और हरियाणा साहित्य अकादमी की भूमिका". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 2, 2026, Pages 131-134 |
| 40 | विभिन्न व्यवसायों में नौकरी छोड़ने की भावना, मानसिक तनाव एवं कार्य-संतुष्टि पर संयुक्त अध्ययन(पुरुष एवं महिला पेशेवर) पर आधारित एक तुलनात्मक शोध अध्ययन) Authors: डॉ. ए. के. द्विवेदी, डॉ. वैभव चतुर्वेदी Pages:135-137 How to cite this article: द्विवेदी ड. ए. क., चतुर्वेदी ड. व. "विभिन्न व्यवसायों में नौकरी छोड़ने की भावना, मानसिक तनाव एवं कार्य-संतुष्टि पर संयुक्त अध्ययन(पुरुष एवं महिला पेशेवर) पर आधारित एक तुलनात्मक शोध अध्ययन)". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 2, 2026, Pages 135-137 |
| 41 | लोक-संस्कृति में प्रकृति तत्वों की उत्पत्ति और सर्जना का महत्व (नदियाँ, पर्वत, पेड़-पौधे और पशु-पक्षी) Authors: Thankam S Pages:138-140 How to cite this article: S T. "लोक-संस्कृति में प्रकृति तत्वों की उत्पत्ति और सर्जना का महत्व (नदियाँ, पर्वत, पेड़-पौधे और पशु-पक्षी)". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 2, 2026, Pages 138-140 |
| 42 | |
| 43 | एनीमिया जागरूकता जन-आंदोलन : इंदौर मॉडल का राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में मूल्यांकन (सामुदायिक स्वास्थ्य, जनभागीदारी एवं होम्योपैथिक दृष्टिकोण पर आधारित शोध-पत्र) Authors: डॉ. ए. के. द्विवेदी Pages:144-146 How to cite this article: द्विवेदी ड. ए. क. "एनीमिया जागरूकता जन-आंदोलन : इंदौर मॉडल का राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में मूल्यांकन (सामुदायिक स्वास्थ्य, जनभागीदारी एवं होम्योपैथिक दृष्टिकोण पर आधारित शोध-पत्र)". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 2, 2026, Pages 144-146 |
| 44 | आधुनिक समय में ख्याल लोकनाट्य के संरक्षण की चुनौतियाँ कुचामनी ख्याल के विशेष संदर्भ में Authors: राम कुमार, डॉ. रेहाना बेग़म Pages:147-150 How to cite this article: कुमार र., बेग़म ड. र. "आधुनिक समय में ख्याल लोकनाट्य के संरक्षण की चुनौतियाँ कुचामनी ख्याल के विशेष संदर्भ में". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 2, 2026, Pages 147-150 |
| 45 | भगवतीचरण वर्मा के ‘चित्रलेखा’ में पाप, पुण्य और प्रेम की अवधारणा का पुनर्पाठ Authors: दिनेश, डॉ. कल्पना Pages:151-153 How to cite this article: दिनेश., कल्पना ड. "भगवतीचरण वर्मा के ‘चित्रलेखा’ में पाप, पुण्य और प्रेम की अवधारणा का पुनर्पाठ". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 2, 2026, Pages 151-153 |
| 46 | हिन्दी के प्रमुख ललित निबंधकारों के निबंधों का लोकतात्त्विक अध्ययन: परंपरा और समकालीन सरोकार Authors: विमल कुमार मीना, डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंघवी Pages:154-155 How to cite this article: मीना व. क., सिंघवी ड. र. क. "हिन्दी के प्रमुख ललित निबंधकारों के निबंधों का लोकतात्त्विक अध्ययन: परंपरा और समकालीन सरोकार". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 2, 2026, Pages 154-155 |
| 47 | हिंदी कहानियों का शिल्प और पर्यावरणीय संवेदना: मानव-प्रकृति संबंध की सतत व्याख्या Authors: श्वेता पारीक , निर्मला राव Pages:156-158 How to cite this article: श. प., न. र. "हिंदी कहानियों का शिल्प और पर्यावरणीय संवेदना: मानव-प्रकृति संबंध की सतत व्याख्या". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 2, 2026, Pages 156-158 |
| 48 | विकास का मिथक और जन-विस्थापन व शोषण का यथार्थ: ‘डूब’ उपन्यास के संदर्भ में Authors: जीतबाला Pages:159-161 How to cite this article: जीतबाला. "विकास का मिथक और जन-विस्थापन व शोषण का यथार्थ: ‘डूब’ उपन्यास के संदर्भ में". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 2, 2026, Pages 159-161 |
| 49 | फणिश्वरनाथ रेणु के उपन्यास ‘ मैला आँचल ’ में आंचलिकता Authors: उमा बणिचुल Pages:162-163 How to cite this article: बणिचुल उ. "फणिश्वरनाथ रेणु के उपन्यास ‘ मैला आँचल ’ में आंचलिकता". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 2, 2026, Pages 162-163 |
| 50 | सुरेंद्र वर्मा के नाटकों का रंगमंचीय अध्ययन Authors: सौरभ कुमार शर्मा, ओमप्रकाश द्विवेदी Pages:164-166 How to cite this article: शर्मा स. क., द्विवेदी ओ. "सुरेंद्र वर्मा के नाटकों का रंगमंचीय अध्ययन". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 2, 2026, Pages 164-166 |
| 51 | महाभारत के पुरुष पात्रों के स्त्री-विषयक मनोविज्ञान की समकालीन प्रासंगिकता (नरेंद्र कोहली कृत महासमर उपन्यास के विशिष्ट संदर्भ में) Authors: तरुण किशोर नौटियाल Pages:167-170 How to cite this article:
त. क. न. "महाभारत के पुरुष पात्रों के स्त्री-विषयक मनोविज्ञान की समकालीन प्रासंगिकता (नरेंद्र कोहली कृत महासमर उपन्यास के विशिष्ट संदर्भ में)". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 2, 2026, Pages 167-170 |
| 52 | प्रेमचंद की कफन में अमानवीय गरीबी का चित्रण Authors: Dr. D Ananthalakshmi Pages:171-173 How to cite this article: Ananthalakshmi D. "प्रेमचंद की कफन में अमानवीय गरीबी का चित्रण". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 2, 2026, Pages 171-173 |
| 53 | आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी के ललित निबंधों में सामयिक-बोध Authors: धीरज कुमार सोनी Pages:174-175 How to cite this article: सोनी ध. क. "आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी के ललित निबंधों में सामयिक-बोध". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 2, 2026, Pages 174-175 |
| 54 | ग्रामीण कृषि श्रमिकों की मौसमी रोजगार सरंचना (उत्तर प्रदेष के जौनपुर जिले के विषेष संदर्भ में) Authors: सुश्मिता सिंह, मृदुला मिश्रा Pages:176-179 How to cite this article: सिंह स., मिश्रा म. "ग्रामीण कृषि श्रमिकों की मौसमी रोजगार सरंचना (उत्तर प्रदेष के जौनपुर जिले के विषेष संदर्भ में)". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 2, 2026, Pages 176-179 |
| 55 | वैश्वीकरण और सांस्कृतिक संकट के संदर्भ में रामचरितमानस की प्रासंगिकता Authors: डॉ. राखी सोराठिया Pages:180-183 How to cite this article: सोराठिया ड. र. "वैश्वीकरण और सांस्कृतिक संकट के संदर्भ में रामचरितमानस की प्रासंगिकता ". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 2, 2026, Pages 180-183 |
| 56 | मुगलकालीन महिलाओं का तत्कालीन समाज एवं संस्कृति के विकास में योगदान Authors: डॉ. हेमा तिवारी Pages:184-186 How to cite this article: तिवारी
ड. ह. "मुगलकालीन महिलाओं का तत्कालीन समाज एवं संस्कृति के विकास में योगदान". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 2, 2026, Pages 184-186 |
| 57 | ओड़िआ वैष्णव साहित्य में निर्गुणवादी चेतना Authors: विष्णुप्रिया भुक्ता, डॉ स्नेहलता दास Pages:187-189 How to cite this article: भुक्ता व., दास ड. स. "ओड़िआ वैष्णव साहित्य में निर्गुणवादी चेतना". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 2, 2026, Pages 187-189 |
| 58 | पंडित चंद्रधर शर्मा गुलेरी की उसने कहा था में उदात्त प्रेम Authors: Dr. D Ananthalakshmi Pages:190-193 How to cite this article: Ananthalakshmi D. "पंडित चंद्रधर शर्मा गुलेरी की उसने कहा था में उदात्त प्रेम ". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 2, 2026, Pages 190-193 |
| 59 | ममता कालिया के उपन्यासों में स्त्री जीवन का चित्रण Authors: चंदा कुमारी Pages:194-200 How to cite this article: undefined. च. क. "ममता कालिया के उपन्यासों में स्त्री जीवन का चित्रण". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 2, 2026, Pages 194-200 |
| 60 | मन्नू भंडारी की कहानी ‘यही सच है’ में स्त्री-मन, प्रेम और आत्मचेतना का मनोवैज्ञानिक विश्लेषण Authors: डॉ. नंदिनी चौबे Pages:201-203 How to cite this article: चौबे ड. न. "मन्नू भंडारी की कहानी ‘यही सच है’ में स्त्री-मन, प्रेम और आत्मचेतना का मनोवैज्ञानिक विश्लेषण". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 2, 2026, Pages 201-203 |
| 61 | गिर्दा के जनगीत ‘जैंता एक दिन तो आलो’ में उत्तराखण्ड की लोकसंस्कृति, सांस्कृतिक स्मृति और सामाजिक परिवर्तन की चेतना Authors: डॉ. निधि उप्रेती Pages:204-206 How to cite this article: उप्रेती ड. न. "गिर्दा के जनगीत ‘जैंता एक दिन तो आलो’ में उत्तराखण्ड की लोकसंस्कृति, सांस्कृतिक स्मृति और सामाजिक परिवर्तन की चेतना". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 2, 2026, Pages 204-206 |
| 62 | शिक्षक-प्रशिक्षुओं में भावनात्मक बुद्धिमत्ता एवं मनोवैज्ञानिक अनुकूलन का अन्तर्संबंध: एक अधि-संश्लेषणात्मक अध्ययन Authors: ममता सिंह, डॉ. ममता व्यास Pages:207-211 How to cite this article: सिंह म., ड. म. व. "शिक्षक-प्रशिक्षुओं में भावनात्मक बुद्धिमत्ता एवं मनोवैज्ञानिक अनुकूलन का अन्तर्संबंध: एक अधि-संश्लेषणात्मक अध्ययन". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 2, 2026, Pages 207-211 |
| 63 | बौद्ध दर्शन में नारी की स्थिति: एक आलोचनात्मक विमर्श Authors: दमयंती बाई Pages:212-215 How to cite this article: बाई द. "बौद्ध दर्शन में नारी की स्थिति: एक आलोचनात्मक विमर्श ". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 2, 2026, Pages 212-215 |
| 64 | कमल कुमार के कथा-साहित्य में स्त्री-विमर्श और समकालीन सामाजिक यथार्थ Authors: हरिस्वरूप, डॉ. मीनेश जैन Pages:216-219 How to cite this article: हरिस्वरूप., जैन ड. म. "कमल कुमार के कथा-साहित्य में स्त्री-विमर्श और समकालीन सामाजिक यथार्थ". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 2, 2026, Pages 216-219 |
| 65 | विश्वेश्वरप्रसाद कोइराला के उपन्यासों में सामाजिक यथार्थ और सांस्कृतिक परिदृश्य का अध्ययन Authors: मौसमी सिंह तिवारी Pages:220-223 How to cite this article: तिवारी म. स. "विश्वेश्वरप्रसाद कोइराला के उपन्यासों में सामाजिक यथार्थ और सांस्कृतिक परिदृश्य का अध्ययन". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 2, 2026, Pages 220-223 |

