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VOL. 12, ISSUE 2 (2026)
कमल कुमार के कथा-साहित्य में स्त्री-विमर्श और समकालीन सामाजिक यथार्थ
Authors
हरिस्वरूप, डॉ. मीनेश जैन
Abstract
प्रस्तुत शोध-पत्र का उद्देश्य कमल कुमार के कथा-साहित्य में उपस्थित स्त्री-विमर्श तथा उसके साथ समकालीन सामाजिक यथार्थ के विविध पक्षों का अध्ययन करना है। कमल कुमार की कथा-रचनाएँ स्त्री की पारिवारिक-सामाजिक स्थिति, श्रम व आर्थिक निर्भरता, प्रेम और दाम्पत्य के तनाव, धर्म-संस्कृति के नाम पर होने वाले शोषण तथा राजनीति-प्रशासन के प्रभावों को कथात्मक रूप में उभारती हैं। यह अध्ययन पाठ-विश्लेषण तथा विषय-आधारित पद्धति के माध्यम से यह दिखाने का प्रयास करता है कि लेखक की रचनाओं में स्त्री केवल करुणा की पात्र नहीं, बल्कि संघर्षशील, निर्णयशील और अपने अनुभवों के जरिए सामाजिक संरचनाओं पर प्रश्न उठाने वाली इकाई के रूप में उपस्थित है।
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Pages:216-219
How to cite this article:
हरिस्वरूप, डॉ. मीनेश जैन "कमल कुमार के कथा-साहित्य में स्त्री-विमर्श और समकालीन सामाजिक यथार्थ". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 2, 2026, Pages 216-219
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