| 1 | लोक - साहित्य की अवधारणा व क्षेत्र |
| 2 | आज के युग में ‘अंधेरे में’ की प्रासंगिकता |
| 3 | मध्यकालीन हिन्दी काव्य में संत साहित्य का वैशिष्टय |
| 4 | मेहरून्निसा परवेज़ का ‘कोरजा’ और ‘अकेला पलाश’ उपन्यास में चित्रित मुस्लिम स्त्री Authors: डाॅ0 एस0 रजिया बेगम |
| 5 | 'तमस': वह अंधेरा जो रह-रह कर लौट आता है |
| 6 | सामाजिक समरसता के मूल सिध्दांत: सतनाम धर्म |
| 7 | काशीनाथ सिंह के संस्मरण ‘याद हो कि न याद हो’ एक अध्ययन |
| 8 | वैष्णव चेतना की संकल्पना एवं भारतीय साहित्य में इसका प्रयोग Authors: डाॅ0 वन्दना कुशवाह |
| 9 | समाज में साहित्य की भूमिका (भक्तिकाल के सन्दर्भ में) |
| 10 | हिंदी कविता में किसान विमर्श Authors: डॉ0 चित्रा गोस्वमी |
| 11 | ओमप्रकाश वाल्मिकी के साहित्य में सामाजिक, धार्मिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक चित्रण Authors: माया माहेश्वरी, निर्मला राव |
| 12 | भारतीय भाषा में राष्ट्रीय चेतन |
| 13 | कामकाजी महिलाओं द्वारा उनका वित्तीय प्रबंधन |
| 14 | चित्रा मुद्गल के उपन्यासों में ‘नारी क्रय-विक्रय’ की समस्याओं का मनोवैज्ञानिक अनुशीलन Authors: सरोज कुमारी यादव |
| 15 | डाॅ0 कैलाश चन्द शर्मा ‘शंकी’ के उपन्यास ‘बदनाम आरजू’ में सामाजिक परिवेश |
| 16 | डाॅ0 कैलाश चन्द शर्मा ‘शंकी’ के उपन्यास ‘अंधेरी रातों के आॅंसू’ में राजनैतिक चेतना |
| 17 | डाॅ0 धर्मवीर भारती के उपन्यासों में प्रेम कथा चित्रण |
| 18 | शॅापिंग मॉल संस्कृति: मध्ययुगीन मानसिकता की महक और स्त्री Authors: प्रियंका कुमारी सिंह |
| 19 | मधु काँकरिया के उपन्यासों में नारी का वैयक्तिक जीवन Authors: नीता कुमारी, आशुतोष कुमार द्विवेदी |
| 20 | भारत के बौद्ध तीर्थं स्थलों में सारनाथ का महत्त्व |
| 21 | अलका सरावगी के उपन्यास में स्त्री अस्मिता Authors: सुलेखा मिश्रा, आशुतोष कुमार द्विवेदी |
| 22 | योगवासिष्ठ में अन्तःकरण विमर्श |
| 23 | वर्तमान फिल्मसंगीत का बच्चों पर पड़ता दुष्प्रभाव Authors: सुधांशू मोहन केस्टवाल |
| 24 | मद्यपान एक गंभीर समस्या Authors: राजेन्द्र सिंह बिष्ट |
| 25 | हिन्दी और तेलुगु छ्न्द क संक्षिप्त तुलनात्मक अध्ययन |
| 26 | अनूप अशेष के नवगीतों में नया सौंदर्यशास्त्र Authors: डाॅ0 बीरेन्द्र कुमार त्रिपाठी |
| 27 | स्मृतिग्रंथों में वर्णित अर्थ और राजनीति की अवधारणा |
| 28 | तुलसी साहित्य व राजनीतिक चिंतन |
| 29 | परिवार : पुरुषवादी नीति और स्त्री-दमन का प्रारंभिक चरण |
| 30 | हंस की लंबी कहानियों में दलित-विमर्श के विविध आयाम Authors: डॉ. संगीता गोगिया, डॉ. नन्दकिशोर मौर्य |