Logo
International Journal of
Hindi Research
ARCHIVES
VOL. 3, ISSUE 1 (2017)
अलका सरावगी के उपन्यास में स्त्री अस्मिता
Authors
सुलेखा मिश्रा, आशुतोष कुमार द्विवेदी
Abstract
मेरे शोध पत्र का उद्देश्य अलका सरावगी की नारी के प्रति दृष्टि से है। साथ ही उत्तर आधुनिक उपन्यास में नारी की स्थिति को खोजना भी है।
हिन्दी में ‘नावेल’ के अर्थ में उपन्यास’ शब्द का प्रथम प्रयोग भारतेन्दु हरिश्चन्द्र ने 1875 ई. में ‘हरिश्चन्द्र चन्द्रिका’ में प्रकाशित अपने अपूर्ण रचना ‘मालती’ के लिए किया था।
उपन्यास साहित्य की एक विधा है। उपन्यास को आधुनिक महाकाव्य कहा गया है। उपन्यास में कई कहानियों, कई घटनाओं का सम्मिश्रण होता है। उपन्यास शब्द का अर्थ है सामने रखना। उपन्यास मानव जीवन का समग्र चित्रण है, इसमें कई प्रासंगिक कथाओं तथा घटनाओं का वर्णन रहता है।

Download
Pages:54-57
How to cite this article:
सुलेखा मिश्रा, आशुतोष कुमार द्विवेदी "अलका सरावगी के उपन्यास में स्त्री अस्मिता". International Journal of Hindi Research, Vol 3, Issue 1, 2017, Pages 54-57
Download Author Certificate

Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.