| S.No. | Title and Authors Name |
|---|---|
| 1 | कृष्णा सोबती का विशिष्ट यात्रा साहित्य : बुद्ध का कमंडल लद्दाख़ Authors: दीप्ति डिगल, डॉ. स्नेहलता दास |
| 2 | |
| 3 | |
| 4 | |
| 5 | |
| 6 | अकेली आवाज उपन्यास में अकेलापन का चित्रण : एक विश्लेषणात्मक अध्ययन। Authors: डॉ. सांटी जोसफ |
| 7 | आदिवासी लोकगीत और खड़ीबोली लोकगीत का तुलनात्मक अध्ययन Authors: डॉ. झुनुबाला खुण्टिआ |
| 8 | हिंदी सिनेमा में हरियाणवी भाषा का स्वरूप Authors: भूपेंद्र, डॉ. शर्मिला |
| 9 | छायावादी काव्य में प्रकृति और प्रेम का स्वरूप Authors: राहुल, डॉ. कल्पना |
| 10 | प्रतिभा राय के ‘परिचय’ और ‘शिलापद्म उपन्यास में नारी यथार्थता Authors: अलकाराणी त्रिपाठी |
| 11 | |
| 12 | डिजिटल युग में लोक-साहित्य का संरक्षण और वैश्विक प्रसार Authors: श्याम मिश्रा, सच्चिदानंद तिवारी |
| 13 | |
| 14 | निर्मला: महिला सशक्तिकरण, समकालीन नारीवादी विमर्श एवं सामाजिक न्याय Authors: डॉ. सी. मोहना |
| 15 | |
| 16 | आषाढ़ का एक दिन की मल्लिकाः त्याग, विरह और आत्मसम्मान की त्रासदी Authors: डॉ0 सुरभि श्रीवास्तव |
| 17 | स्त्री-विमर्श सम्बन्धी चिंतन और हिंदी साहित्य Authors: दिपाली गंगवार |
| 18 | शोध-पत्र का शीर्षक: डॉ. रमेश पोखरियाल 'निशंक' के उपन्यासों में राष्ट्रीय चेतना Authors: शुभांगी माथुरे |
| 19 | |
| 20 | |
| 21 | कुंतला कुमारी साबत के हिन्दी काव्य में राष्ट्रीय चेतना और गांधीवादी दृष्टि Authors: डॉ. रूपधर गोमांगो |
| 22 | हिंदी भाषा: कल, आज और परसों — उद्भव, संघर्ष-यात्रा और एआई युग में वैश्विक धरातल Authors: ब्लेस्सनराजू |
| 23 | श्रीअयोध्या की बहु-सांस्कृतिक विरासत : अयोध्या की परंपराओं का एक ऐतिहासिक अनुशीलन Authors: सच्चिदानंद तिवारी , प्रकाश तिवारी |
| 24 | लल्ली और हब्बा की कश्मीरी कविताओं में प्रेम और आध्यात्मिकता Authors: बीरेन्द्र किस्कु |
| 25 | बंजारा समुदाय की सनातन संस्कृति और पौराणिक एवं ऐतिहासिकता अंतर्संबंध Authors: डॉ. ललित कुमार धारावत |
| 26 | बिहार के निचले न्यायालयों का एक क्षेत्रीय अध्ययन: जमीनी हकीकत, चुनौतियाँ और सुधार की दिशा Authors: राजीव कुमार, डॉ. संजय तिवारी |
| 27 | हिंदी और मराठी स्त्री आत्मकथाओं में पितृसत्तात्मक व्यवस्था को चुनौती : रमणिका गुप्ता कृत 'हादसे' / 'आपहुदरी' और मलिका अमर शेख कृत 'मैं बरबाद होना चाहती हूँ' के विशेष संदर्भ में Authors: उषा रानी, डॉ. कल्पना |
| 28 | |
| 29 | |
| 30 | |
| 31 | |
| 32 | हिन्दी पत्रिकाओं में अनुवाद विमर्श: एक आलोचनात्मक अध्ययन Authors: रुखसार आलम |
| 33 | |
| 34 | निर्मल वर्मा कि कहानियों में महानगरीय जीवन का तनाव Authors: अमित, डॉ. कल्पना शर्मा |
| 35 | |
| 36 | सांस्कृतिक चेतना और सामासिक संस्कृति : नज़ीर की कविता का आत्मीय पाठ Authors: डॉ. आलोक कुमार सिंह |
| 37 | उड़िया और हिंदी की प्रगतिवादी कविता का तुलनात्मक अध्ययन Authors: अमिय कुमार साहु |
| 38 | सुदामा पांडेय 'धूमिल' की कविता 'मोचीराम' और श्रम का सौंदर्यशास्त्र: एक विश्लेषण Authors: दुर्गेश पाण्डेय, डॉ. ज्ञानेन्द्र मणि त्रिपाठी |
| 39 | |
| 40 | डॉ. शरद सिंह की कहानियों में व्यक्त विद्रोही नारी जीवन Authors: डॉ. सुखदेव रामा पाटील |
| 41 | वृद्ध अस्मिता और हिंदी उपन्यास: ‘गिलिगडु’ और ‘रेहन पर रग्घू’ Authors: एस.वी.एस.एस. नारायण राजू |
| 42 | |
| 43 | |
| 44 | डा० सूर्यपाल सिंह के नाट्य साहित्य में राष्ट्रीय चेतना Authors: डॉ प्रकाश चन्द्र गिरि, जगदीष यादव |
| 45 | |
| 46 | |
| 47 | हरियाणा के समकालीन हिंदी साहित्य में युवा पीढ़ी की समस्याएँ Authors: पूनम, डॉ. रेणुका |
| 48 | हरिवंशराय बच्चन की आत्मकथा - एक आलोचनात्मक दृष्टि Authors: डॉ. जे सेन्दामरै |
| 49 | |
| 50 | |
| 51 | |
| 52 | सहजोबाई की ‘सोलह तिथियाँ’ में आध्यात्मिक चेतना और जीवन-दर्शन Authors: डॉ. रूपधर गोमांगो |
| 53 | |
| 54 | |
| 55 | युवा पीढ़ी और वंदे मातरम: वर्तमान परिप्रेक्ष्य Authors: डॉ कमल सैनी, सुन्दर रानी |

