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VOL. 6, ISSUE 5 (2020)
डॉ. शील कौशिक की कहानियों में पारवारिक रिश्ते
Authors
दिलबाग सिंह
Abstract
डॉ. शील कौशिक बहुमुखी प्रतिभा की धनी हैं। वे कविता, कहानी, लघुकथा, बाल साहित्य, समीक्षा आदि क्षेत्रों में निरंतर साहित्य रच रही हैं। अब तक उनके दो कहानी-संग्रह - ‘महक रिश्तों की’ (2003) और ‘एक सच यह भी’ ( 2008) प्रकाशित हो चुके हैं। इन दोनों कहानी-संग्रहों को अध्ययन का विषय बनाते हुए इनमें शामिल कहनियों में पारिवारिक रिश्तों की स्थिति को देखा गया है| इन कहानियों में पति-पत्नी के संबंधों, माँ-बाप और सन्तान के संबंधों, भाई-बहन, ननद-भाभी के संबंधो, सास–बहू के संबंधों आदि का यथार्थ चित्रण के साथ-साथ आदर्श रूप भी देखने को मिलता है| लेखिका ने परिवारों की स्थिति का बड़ा बारीक विश्लेषण किया है|
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Pages:66-69
How to cite this article:
दिलबाग सिंह "डॉ. शील कौशिक की कहानियों में पारवारिक रिश्ते". International Journal of Hindi Research, Vol 6, Issue 5, 2020, Pages 66-69
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