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VOL. 6, ISSUE 5 (2020)
जॉन रॉल्स का न्याय का सिद्धांत और भारत का संविधान: तुलनात्मक अध्ययन
Authors
गजेन्द्र, निखिल कुमार, केशव चंद्र
Abstract
जॉन रॉल्स ने अपनी पुस्तक न्याय का सिद्धान्त में "अज्ञानता का पर्दा” का उल्लेख करते हुए मानते हैं कि न्याय को स्थापित करने के लिये ये एक कारगर उपाय है।भारतीय संविधान के निर्माताओं ने इसके महत्त्व को रॉल्स के न्याय के अवधारणा से पूर्व पहचान कर ली और भारत के संविधान में प्रक्रियात्मक और वितरणात्मक न्याय के सभी पक्ष को शामिल किया गया जिसमें राजनीतिक, कानूनी तथा सामाजिक, आर्थिक पक्ष समाहित हैं तथा भारतीय संविधान में वर्णित परम्परागत आदर्शवादी संकल्पना विश्व के संघर्षरत देशों व समुदायों को लोकतांत्रिक मूल्यों, शान्ति व न्याय के मार्ग में चलने के लिये प्रेरित करता है और मानवतावादी विचारों को बढ़ाता है।
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Pages:50-52
How to cite this article:
गजेन्द्र, निखिल कुमार, केशव चंद्र "जॉन रॉल्स का न्याय का सिद्धांत और भारत का संविधान: तुलनात्मक अध्ययन". International Journal of Hindi Research, Vol 6, Issue 5, 2020, Pages 50-52
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