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International Journal of
Hindi Research
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VOL. 2, ISSUE 1 (2016)
‘शिव चरित मानस’ में’ भक्ति-भावना
Authors
प्रीति
Abstract
आलोच्य ग्रन्थ श्री शिवचरित मानस उत्तर-प्रदेश के सीतापुर जनपद (पश्चिमी अवधी-क्षेत्र) के कवि डाॅ0 रमेश मंगल बाजपेयी द्वारा अवधी भाषा में प्रणीत तथा शिव भक्ति - भाव से मण्डित है। ग्रन्थ में कवि ने शिव - पुराण की कथाओं तथा अन्य स्रोतों से प्राप्त शिव-तत्त्व विषयक ज्ञान, आध्यात्मिक चिन्तन व व्यावहारिक नीतिगत कथ्य को अत्यन्त कुशलता से सम्पृक्त करके अपनी मौलिक उद्भावनाओं के साथ प्रबन्ध काव्य के ताने-बाने में संग्रथित किया है। प्रस्तुत ग्रन्थ पाँच पर्वो में विभक्त है तथा राम चरित मानस की भाँति दोहा-चैपाई-शैली में विरचित है। शिव और शक्ति का अखण्ड अभेद रूप ही सचराचर जगत में परमानन्द का कारण है, किन्तु माया के कारण जगत में भेद दृष्टिगत होता है। भक्ति - भावना से ही माया को दूर किया जा सकता है। प्रस्तुत शोध-पत्र का लक्ष्य ग्रन्थ में अभिव्यक्त इसी भक्ति-भाव का प्रतिपादन है।
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Pages:60-62
How to cite this article:
प्रीति "‘शिव चरित मानस’ में’ भक्ति-भावना". International Journal of Hindi Research, Vol 2, Issue 1, 2016, Pages 60-62
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