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VOL. 2, ISSUE 5 (2016)
लोक प्रशासन का उदय और अल्पसंख्यकों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका
Authors
Dr. Razia
Abstract
लोक प्रशासन शासकीय कार्यों का वह भाग है, जिसके अर्तगत सामान्य नीतियों का निर्धारण एवं उनका क्रियान्वयन होता है। लोक प्रशासन का प्रमुख कार्य जनसेवा है, जिसे सरकारी संगठन द्वारा किया जाता है, परन्तु कुछ मामलों में लोक प्रशासन का परिप्रेक्ष्य संकुचित है, क्योंकि यह केवल सार्वजनिक नीतियों से ही सम्बन्धित है, जो केवल सार्वजनिक मामलों पर ही अधिक ध्यान देता है। लोक प्रशासन दोहरे स्वरूप का विषय भी है। यह अध्ययन, अध्यापन एवं अनुसंधान का शैक्षणिक विषय होने के साथ-साथ क्रियाशील विज्ञान भी है। लोक प्रशासन का सम्बन्ध सार्वजनिक नीति के निर्माण एवं क्रियान्वयन से है, जो विज्ञान और प्रक्रिया से सम्बंधित है। लोक प्रशासन का सम्बन्ध विशिष्ट रूप से सरकारी क्रियाकलापों से है। इसके अन्तर्गत वे सभी प्रशासन आ सकते हैं, जिनका जनता पर पर्याप्त प्रभाव पड़ता है। लोक प्रशासन सरकार के कार्य का वह भाग है, जिसके द्वारा सरकार के उद्देश्यों एवं लक्ष्यों की प्राप्ति होती है तथा यह ऐसे उद्देश्यों का क्रियान्वयन है, जिन्हें जनता द्वारा निर्वाचित प्रतिनिधियों ने निर्धारित किया है। इन उद्देश्यों की प्राप्ति लोक सेवाओं द्वारा सहयोगी ढंग से की जाती है। लोक प्रशासन का सम्बन्ध ‘सार्वजनिक’ जनता (जिसके अन्र्तगत समाज के सभी वर्ग जैसे- अल्पसंख्यक, अनूसूचित जाति व जनजाति एवं अन्य पिछड़े वर्ग भी सम्मिलित हैं) से सम्बन्धित प्रशासन से है।
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Pages:19-24
How to cite this article:
Dr. Razia "लोक प्रशासन का उदय और अल्पसंख्यकों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका". International Journal of Hindi Research, Vol 2, Issue 5, 2016, Pages 19-24
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