ARCHIVES
VOL. 2, ISSUE 5 (2016)
सोनघाटी की विरासत में सूफीमत
Authors
डाॅ. गजाला शाहीन
Abstract
मानव का स्वभाव है कि वह अपने समस्त उपलब्ध साधनों का प्रयोग करता है, आर्थिक, सामाजिक तथा धर्म के क्षेत्र में इन साधनों का प्रयोग केवल सुख एवं शान्ति प्राप्त के लिए ही करता है। जीवन के विभिन्न क्षेत्रों मंे तन, मन, धन, वचन का प्रयोग अन्तिम लक्ष्य केवल मन एवं आत्मा में शान्ति प्राप्त करना ही होता है। सोनांचल घाटी क्षेत्र में जब से मानव पैदा हुआ विभिन्न कालों में विभिन्न धर्म सम्प्रदाय, मत-मतों का प्रचलन होता रहा है, जिस पर प्रकाश डालने के लिए हमारे यहाँ के विद्वान इतिहासकारों ने भरसक प्रयत्न किया है।
Download
Pages:49-51
How to cite this article:
डाॅ. गजाला शाहीन "सोनघाटी की विरासत में सूफीमत". International Journal of Hindi Research, Vol 2, Issue 5, 2016, Pages 49-51
Download Author Certificate
Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.

