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VOL. 3, ISSUE 3 (2017)
शेखर जोशी की कथा साहित्य में सामाजिक लोक.जीवन
Authors
राजेन्द्र सिंह बिष्ट
Abstract
शेखर जोशी का नाम हिंदी कहानी साहित्य के विकास में अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है। इनके कहानी के कथ्य और शिल्प ने उन्हें समकालीन कथाकारों के बीच पर्याप्त सम्मान प्रदान किया है। इनकी कहानियों में भी कुमाऊँ के आंचलिक जीवन से लेकर छोटे-बड़े महानगरीय समाजिक लोक जीवन का चित्रण सर्वाधिक हुआ हैं, किन्तु आंचलिक जीवन और औद्योगिक प्रतिष्ठानों के मध्यम एवं निम्न वर्गीय जीवन संदर्भों के निरूपण की दृष्टि से शेखर जोशी की कहानी साहित्य का अत्यन्त महत्व है। शेखर जोशी के कथा-साहित्य में उत्तराखण्ड के पर्वतीय अंचल में परिव्याप्त स्थानीय सामाजिक लोक-जीवन का कुशलतापूर्वक चित्रांकन हुआ है। उनकी कहानियों के शीर्षक भी स्थानीय नामों, स्थानों अथवा लोकग्राह्य संज्ञाओं की व्यंजना करते हैं। वस्तुतः शेखर जोशी की कहानियाँ सामाजिक जीवन की विसंगतियों को बड़ी सहजता एवं सरलता से पाठक को परिचित कराती हैं तथा एक बड़ा सवाल अथवा प्रश्न छोड़ देती हैं। इन्हीं प्रश्नो की बानगी प्रस्तुत शोध-पत्र में दिखाई देती है।
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Pages:40-41
How to cite this article:
राजेन्द्र सिंह बिष्ट "शेखर जोशी की कथा साहित्य में सामाजिक लोक.जीवन". International Journal of Hindi Research, Vol 3, Issue 3, 2017, Pages 40-41
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