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VOL. 3, ISSUE 3 (2017)
शरीअत में निकाह, तलाक, हलाला एवं भारतीय संविधान
Authors
तरन्नुम सिद्दीकी
Abstract
प्रस्तुत लेख में भारतीय समाज में विभिन्न धार्मिक प्रवृत्तियों से हो रहे विवाह (निकाह), तलाक, शरीअत एवं भारतीय संविधान का वर्णन किया गया है। जहां पर हम बात करते है कि भारत, संसदीय प्रणाली की सरकार वाला एक प्रभुसत्ता सम्पन्न, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य है। उसी संसदीय प्रणाली की सरकार वाले गणराज्य में औरतों का हनन कहीं तो, विवाह (निकाह) के रूप में किया जा रहा है तो कहीं तलाक के रूप में, तो कहीं दहेज़ अधिक न मिलने के कारण। इस प्रकार के शोषण का मुख्य कारण धर्म का सही और पूरा ज्ञान न होना, लोगों में अन्धविश्वास का होना, स्कूलों में धार्मिक/देश प्रेम की शिक्षा का न दिया जाना, एवं अत्यन्त महत्वपूर्ण धार्मिक विवाह के साथ ही साथ “विवाह को कानूनी रूप” प्रदान न किया जाना है। प्रस्तुत लेख पूर्णतया द्वितीय प्रकार की सूचनाओं पर आधारित है जैसे- इस्लामिक पुस्तक, भारतीय संविधान एवं वेब साइड इत्यादि।
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Pages:45-48
How to cite this article:
तरन्नुम सिद्दीकी "शरीअत में निकाह, तलाक, हलाला एवं भारतीय संविधान". International Journal of Hindi Research, Vol 3, Issue 3, 2017, Pages 45-48
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