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VOL. 3, ISSUE 6 (2017)
डाॅ0 श्याम सुंदर दास: व्यक्तित्व एवं कृतित्व
Authors
डाॅ0 अखिलेश कुमार सिंह
Abstract
हिन्दी जगत की महान विभूति श्री श्याम सुन्दर दास की सेवाएॅ हिन्दी समाज के लिए अविस्मरणीय है। अपूर्व प्रतिभा के स्वामी बाबू श्याम सुन्दर दास जी उत्साह, लगन एवं कर्तव्यनिष्ठा के कारण अपने विचारोें को मूर्तवान् बनाया। “हिन्दी देश की सर्वांगीण विकास हेतु आवश्यक है“ विषय पर अपना अनुभव डाॅ0 दास ने अपने जीवन के प्रारम्भिक दिनों में ही कर लिया था। जिसके लिए आपने हिन्दी शब्द भंडार को समृद्धशाली बनाया। व्यापक दृष्टि एवं दूरदर्शिता से आपने हिन्दी को जनसाधारण के दैनिक जीवन से निकाल कर साहित्य प्रभागों में प्रतिष्ठित किया।
डाॅ श्याम सुन्दर दास का जीवन हिन्दी के महासागर में तैरता था। हिन्दी के लिए ही उन्होंने सोचा और हिन्दी के लिए ही उन्होंने सांस ली। उनके जीवन के लगभग 50 वर्ष हिन्दी की सेवा में ही बीते। डाॅ. श्याम सुंदर दास के कर्तव्य एवं कल्पनाशीलता के परिणाम स्वरूप ही हिन्दी ने कम ही वक्त में मील का पत्थर तय किया।
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Pages:40-43
How to cite this article:
डाॅ0 अखिलेश कुमार सिंह "डाॅ0 श्याम सुंदर दास: व्यक्तित्व एवं कृतित्व". International Journal of Hindi Research, Vol 3, Issue 6, 2017, Pages 40-43
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