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International Journal of
Hindi Research
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VOL. 4, ISSUE 5 (2018)
आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी : उपन्यासों में नारी पात्रों के रूप निरूपण का अध्ययन
Authors
डाॅ0 समयलाल प्रजापति
Abstract
आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी के उपन्यासों के प्रायः सभी नारी-पात्र सुन्दर हैं। यदि किसी के मुख-सौन्दर्य या वर्ण-प्रभा में कुछ न्यूनता है तो सौन्दर्य के अन्य विधायी-तत्वों में वृद्धि करके उसकी पूर्ति की गई है। इन नारी-पात्रों में अधिकतर तो गौरवर्णाएँ हैं और कुछ श्यामायें भी हैं। राज-बालायें प्रायः गौरांगी हैं। निम्न जाति की नारियों को श्याम वर्ण का निरूपित किया गया है। देव-मन्दिर स्वरूपा नारी-देह को न तो अपावन देख सकता था और न असुन्दर ही। आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी के उपन्यासों के अधिकतर नारी-पात्र गौर-वर्ण के हैं। केवल कुछ निम्न जाति में जन्मी नारियाँ ही श्याम वर्णायें हैं। हाँ इतना अवश्य है कि ये श्याम वर्णायें भी सुन्दरियाँ हैं और आकर्षण-गुण-सम्पन्न हैं इससे भी अधिक वह रूपवती और गुणवती भी हैं।
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Pages:34-38
How to cite this article:
डाॅ0 समयलाल प्रजापति "आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी : उपन्यासों में नारी पात्रों के रूप निरूपण का अध्ययन". International Journal of Hindi Research, Vol 4, Issue 5, 2018, Pages 34-38
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