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VOL. 4, ISSUE 6 (2018)
छत्तीसगढ़ की नृत्यकला और उसका वैशिष्ट्य
Authors
यास्मीन सिंह
Abstract
छत्तीसगढ़ में दो प्रकार के नृत्य प्रचलित रहे हैं- लोक नृत्य और शास्त्रीय नृत्य। छत्तीसगढ़ में निवास करने वाली विविध जातियों व समुदायों के द्वारा लोकनृत्य करने की परम्परा रही है, जो विभिन्न अवसरों पर किये जाते हैं। यह गौरव का विषय है, कि प्राचीन छत्तीसगढ़ के दो रजवाड़े कथक नृत्य के क्षेत्र में घरानेदार (गुरु शिष्य परम्परा) तथा आधुनिक संस्थागत शिक्षा पद्धति के लिये प्रसिद्ध हुए। यह प्रसिद्धि न केवल भारत तक ही सीमित रही है, अपितु अन्तर्राष्ट्रीय स्तर भी स्थापित हुई।
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Pages:10-12
How to cite this article:
यास्मीन सिंह "छत्तीसगढ़ की नृत्यकला और उसका वैशिष्ट्य". International Journal of Hindi Research, Vol 4, Issue 6, 2018, Pages 10-12
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