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International Journal of
Hindi Research
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VOL. 5, ISSUE 4 (2019)
एक समन्वयकारी विचारक के रूप में कबीर की प्रासंगिकता
Authors
डॉ0 आफरीन खान
Abstract
मध्यकालीन भक्ति कवियों में कबीर का एक महत्वपूर्ण स्थान रहा । कबीर एक समाज सुधारक और राजनीतिक चिंतक के रूप में सामने आते हैं । कबीर अपने समकालीनों पर ही नहीं बल्कि आधुनिक विचारकों पर भी गहरा प्रभाव डालते हैं ।समन्वय का संदेश कबीर के जीवन का पर्याय है । कबीर का समन्वय का तरीका भी उनके व्यक्तित्व की तरह ही अनोखा था । अपने दोहों, वाणियों और साखियों के ज़रिये उन्होनें बेबाक फक्कड़पन के साथ अपने समय के समाज के दोषों-दुर्गुणों को उजागर कर दिया । कबीर के विचार जिसमें बहुत ही प्रगतिशील चिंतन का दर्शन होता है, आज भी अत्यंत प्रासंगिक है । इस शोध प्रपत्र में कबीर के राजनीतिक-सामाजिक विचारों का विश्लेषण और आज के सन्दर्भ में उनके विचारों की प्रसंगिकता की जाँच करने का प्रयास किया गया है । शोध पद्धति के रूप में ऐतिहासिक एवं विश्लेषणात्मक पद्धति का प्रयोग किया गया है।
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Pages:33-35
How to cite this article:
डॉ0 आफरीन खान "एक समन्वयकारी विचारक के रूप में कबीर की प्रासंगिकता". International Journal of Hindi Research, Vol 5, Issue 4, 2019, Pages 33-35
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