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VOL. 6, ISSUE 2 (2020)
ग्राम समाज पर ग्राम पंचायत निर्वाचन प्रणाली के प्रभाव का अध्ययनः मध्यप्रदेश में सतना जिले के संदर्भ में
Authors
अग्रवाल लोकेश, कुशवाहा लक्ष्मी कान्त
Abstract
भारत एक ग्राम प्रधान देश है। गाॅवों के विकास के लिए गाॅव के ही लोगों को स्वायŸाता प्रदान करना सरकार का उद्देश्य था। इस उद्देश्य की पूर्ती हेतु सरकार द्वारा 1993 में पंचायती राज अधिनियम लागू किया गया। कुछ वर्षों बाद धीरे-घीरे स्थिति यह हो गई की पंचायत के मुख्य पदों को लोग अपनी आमदनी का स्त्रोत समझ बैठे। तथा पंचायत पदों की उम्मीदवरी ज्यादा बढ़ने लगी। इसका परिणाम यह हुआ की पंचायती राज का मुख्य उद्देश्य ही बदल गया। उम्मीदवार जीत हांसिल करने के लिए सभी प्रकार की नीतियों का प्रयोग करते हैं। एक-दूसरे को अपना राजनीतिक प्रतिद्वंदी समझने की वजाय व्यक्तिगत शत्रु समझने लगते हैं। गरीब तबके के उम्मीदवार चुनाव लड़ने के लिए कर्ज लेते हैं। समाज कई सामाजिक-राजनीतिक गुटों में बंट जाता है। चुनाव हारने के बाद ये स्थितियाॅं आपसी लड़ाई-झगडों में परिवर्तित हो जाती हैं। जिससे समाज में आपसी भाई-चारा और प्रेम व्यवहार खत्म हो रहा है।
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Pages:22-28
How to cite this article:
अग्रवाल लोकेश, कुशवाहा लक्ष्मी कान्त "ग्राम समाज पर ग्राम पंचायत निर्वाचन प्रणाली के प्रभाव का अध्ययनः मध्यप्रदेश में सतना जिले के संदर्भ में ". International Journal of Hindi Research, Vol 6, Issue 2, 2020, Pages 22-28
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