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VOL. 6, ISSUE 2 (2020)
काशीनाथ सिंह के कथा-साहित्य में यथार्थवाद
Authors
विनय शंकर
Abstract
काशीनाथ सिंह विविधतापूर्ण और वस्तुपरक कहानियों के लिए जाने जाते हैं रचना कर्म में उन्होंने निरंतर अपने यथार्थबोध को प्रखर बनाए रखा है। वे जुझारू व्यक्तित्व वाले कथाकार हैं और उनका संघर्ष ही उनकी कथाओं का रचनात्मक धरातल हुआ करता है। सामाजिक चिंताओं से युक्त उनकी कथाओं में एक अलहदा समझ है। शिल्प के प्रति एक उत्तरदायित्व है और एक सुस्पष्ट वैचारिक दृष्टि भी। ज़िंदगी के अनुभव को वे लेखन के लिए बेहद ज़रूरी मानते हैं। इसी से उनके कथा साहित्य में एक विश्वसनीय यथार्थ जन्म लेता है। कथाएँ केवल विचारों से नहीं बनती, वे बनती हैं ‘समाज’ के अनेक स्तरों पर फैली जिं़दगी से जो किसी-न-किसी रूप में अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रही हैं।
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Pages:55-57
How to cite this article:
विनय शंकर "काशीनाथ सिंह के कथा-साहित्य में यथार्थवाद". International Journal of Hindi Research, Vol 6, Issue 2, 2020, Pages 55-57
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