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International Journal of
Hindi Research
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VOL. 7, ISSUE 1 (2021)
सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों को सहेजती समकालीन रूसी कविता
Authors
Saurabh Naik
Abstract
कविता एक संवेदनशील विधा है। समकालीन कविता समकालीन समाज की सभी संवेदनाओं को प्रकट करती है। इस लेख में हम रूसी समकालीन कवि संझार यनिषेव की कुछ कविताओं का विश्लेषण करेंगे और जानेंगे कि किस प्रकार समकालीन रूसी कवि सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों को परिभाषित करते हैं। सोवियत संघ के विघटन के पश्चात रूस में कई सामजिक, सांस्कृतिक] राजनितिक और आर्थिक परिवर्तन हुए, जिनका प्रभाव एक आम आदमी के जीवन पर भी पड़ा है। इन्ही परिवर्तनों को दर्शाती समकालीन रूसी कविता कई प्रश्न उठाती है और हमें जीवन जीने का एक नया दृष्टिकोण प्रदान करती है। यह लेख से हमें रूसी संस्कृति और साहित्य के नज़दीक ले जाता है और तुलनात्मक दृष्टिकोण प्रदान आत्मावलोकन करने को विवश करता है। इस लेख में लेखक ने रूसी कविताओं को हिंदी रूपांतरण भी प्रस्तुत किया है
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Pages:01-02
How to cite this article:
Saurabh Naik "सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों को सहेजती समकालीन रूसी कविता". International Journal of Hindi Research, Vol 7, Issue 1, 2021, Pages 01-02
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