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VOL. 7, ISSUE 3 (2021)
कथा-लेखिका शिवानी: कहानी- रचना एवं नारी-चिन्तन
Authors
डॉ. वीरेन्द्र कुमार शर्मा
Abstract
घटना एवं चरित्र को लेकर कहानी लिखने वाली शिवानी ने कहानी-रचना के क्षेत्र में बहुसंख्यक कहानियों से हिन्दी-साहित्य को समृद्ध किया है। नारी- जीवन के विविध पक्षों को उद्घाटित करते हुए लिखी गयी उनकी कहानियों में नारी की स्थिति एवं दशा के परिष्कार हेतु चिंतन के जो नये आयाम पाठकों के सामने उपस्थित किये गये हैं, उन्हें समाज एवं परिवार की संरचना हेतु इसलिए आवश्यक माना गया है चूँकि नारी की सुदृढ़ एवं परिष्कृत स्थिति के बिना समाज एवं परिवार में पारस्परिक सम्बन्धों की परिकल्पना ही असम्भव है। विवेच्य कहानियाँ नारी-जागरण के लिए एक ऐसा प्रतिदर्श हैं, जो अपने पाठकों को दिशा-निर्देश करने के साथ-साथ उनकी नारी-विषयक अवधारणा को पूर्णतः सुसंस्कृत रूप प्रदान करने में महनीय भूमिका अदा करती है। कहानियाँ कथ्य एवं शिल्प की दृष्टि से तो अपनी उपयोगिता रखती ही हैं, साथ ही इनमें पाठकों एवं लेखकों की रुचि निर्मित करने की भी अद्वितीय क्षमता है।
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Pages:121-133
How to cite this article:
डॉ. वीरेन्द्र कुमार शर्मा "कथा-लेखिका शिवानी: कहानी- रचना एवं नारी-चिन्तन ". International Journal of Hindi Research, Vol 7, Issue 3, 2021, Pages 121-133
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