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International Journal of
Hindi Research
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VOL. 7, ISSUE 5 (2021)
स्त्री विमर्श के संदर्भ में प्रसाद कृत ‘ध्रुवस्वामिनी’
Authors
अर्चना शर्मा
Abstract
प्रस्तुत शोध-आलेख का ध्येय हिंदी साहित्य के प्रमुख हस्ताक्षर जयशंकर प्रसाद कृत नाटक “ध्रुवस्वामिनी” में स्त्री विमर्श के प्रासंगिक आयामों को प्रस्तुत करना रहा है । स्त्री विमर्श 21वीं सदी ही नहीं अपितु युगों-युगों से निष्पक्ष दृष्टि एवं सामजिक विमर्श की बाट-जोह रहा है। प्रस्तुत शोध-आलेख के माध्यम से जयशंकर प्रसाद कृत ऐतिहासिक नाटक “ध्रुवस्वामिनी” के प्रमुख नारी पात्र ध्रुवस्वामिनी के माध्यम से स्त्री अस्मिता, सम्मान एवं स्वाभिमान के अनेक पहलुओं को उकेरा गया है । यह प्रस्तुत शोध-आलेख का मुख्य उद्देश्य है।
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Pages:122-123
How to cite this article:
अर्चना शर्मा "स्त्री विमर्श के संदर्भ में प्रसाद कृत ‘ध्रुवस्वामिनी’". International Journal of Hindi Research, Vol 7, Issue 5, 2021, Pages 122-123
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