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VOL. 7, ISSUE 5 (2021)
मानवतावादी दृष्टि और ‘कबिरा खड़ा बजार में’
Authors
ज्योत्स्ना आनंद
Abstract
आलेख का ध्येय मानवतावादी दृष्टि के सन्दर्भ में जनवादी नाटक ‘कबिरा खड़ा बजार में’ का बहुआयामी विश्लेषण प्रस्तुत करना है। भीष्म साहनी कृत नाटक की वर्तमान परिप्रेक्ष्य के सन्दर्भ में बहुआयामी सार्थकता को सिद्ध कर सोदाहरण प्रस्तुत करना ही प्रमुख उद्देश्य रहा है।
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Pages:124-125
How to cite this article:
ज्योत्स्ना आनंद "मानवतावादी दृष्टि और ‘कबिरा खड़ा बजार में’". International Journal of Hindi Research, Vol 7, Issue 5, 2021, Pages 124-125
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