ARCHIVES
VOL. 7, ISSUE 6 (2021)
यशपाल के उपन्यास और नारी के विविध रूप
Authors
डा ज्योति बाला
Abstract
यशपाल जी एक ऐसे साहित्यकार रहें है जिन्होंने अपनी रचनाओं से हिंदी जगत में अपनी पहचान बनाई हैI यशपाल ने नारी की त्रासदपूर्ण स्थिति को दर्शाया है I यशपाल ने पति -पत्नी के झूठे स्वाभिमान से भरे हुए गृहस्थ जीवन का अनूठा वर्णन किया हैI आधुनिक दृष्टिकोण से परिपूर्ण उनकी रचनायें समाज में फैली बुराइयों को दूर करने का प्रयास करती हैI उन्होंने न केवल नारी जीवन की त्रासदी को पाठकों के समक्ष प्रस्तुत किया है अपितु उन त्रासदियों को दूर करने का भी प्रयास किया हैI यशपाल नारी के प्रति इस असमानता को स्वीकार नहीं करते I इसलिए अपनी रचनाओं के माध्यम से नारी -स्वतंत्रता का समर्थन करते है I
Download
Pages:1-5
How to cite this article:
डा ज्योति बाला "यशपाल के उपन्यास और नारी के विविध रूप ". International Journal of Hindi Research, Vol 7, Issue 6, 2021, Pages 1-5
Pdf, Certificate, Cover Page, Index Page, Editorial Page, Accept Letter
Please enter the email address corresponding to this article submission.

