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VOL. 8, ISSUE 6 (2022)
श्रीलाल शुक्ल के उपन्यासों में चित्रित आर्थिक समस्याएँ
Authors
डॉ. सोनम शुक्ला, डॉ. ज्ञानेन्द्र मणि त्रिपाठी
Abstract
“उपन्यास को वर्तमान समाज का वृहद दर्पण कह सकते हैं क्योंकि इसके अंतर्गत पाठको को समाज के विभिन्न और प्रायः सभी वर्गों के स्पष्ट चित्र मिलते हैं। ध्यातव्य है कि कथाकार श्रीलाल शुक्ल का बचपन भले ही आर्थिक विपन्नता में बीता था किन्तु शेष जीवन सरकारी सेवा के उच्च प्रशासनिक पदों पर रहने के कारण सुविधायुक्त आर्थिक-संपन्नता वाला था। यही कारण है कि इनके उपन्यासों में उच्च और निम्नवर्ग दोनों के चरित्र अपनी वर्गीय विशेषताओं के साथ प्रचुर मात्रा में उपस्थित हैं। इनकी औपन्यासिक कृतियों में वर्णित कथ्यों का गहनता से अध्ययन करने के बाद हम उन आर्थिक कारणों की ओर समाज को ध्यानाकर्षित कर सकते हैं जिनके कारण विभिन्न आर्थिक समस्याएँ पैदा होती हैं”।
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Pages:15-17
How to cite this article:
डॉ. सोनम शुक्ला, डॉ. ज्ञानेन्द्र मणि त्रिपाठी "श्रीलाल शुक्ल के उपन्यासों में चित्रित आर्थिक समस्याएँ". International Journal of Hindi Research, Vol 8, Issue 6, 2022, Pages 15-17
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