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VOL. 9, ISSUE 1 (2023)
भारत और श्रीलंका के वंचित नारी-समाज (उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद और महान साहित्यकार मार्टिन विक्रमसिंह के उपन्यासों के परिप्रेक्ष में)
Authors
दिलंका रसांगी नानायक्कर
Abstract
भारत और श्रीलंका के बीच प्राचीन काल से ही घनिष्ट संबंध रहा। भारतीय संस्कृति ही नहीं बल्कि वहाँ के आचार-विचार भी श्रीलंकीय समाज में जुड़ गये। दोनों समाज के लोगों के सोच विचारों में इतना अंतर नहीं दिखने लगा। दोनों समाज पितृसत्तात्मक थे, अतः नारी की स्थिति बड़ी दयनीय हो गयी। नारी को पर्दाप्रथा, बाल विवाह, अनमेल विवाह, विधवा समस्या, सतीप्रथा, जैसी कुप्रथाओं की शिकार बनना पड़ा। दोनों देशों के महान साहित्यकार प्रेमचंद और मार्टिन विक्रमसिंह ने अपने उपन्यासों में इस समास्या को उठाया है।
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Pages:1-6
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दिलंका रसांगी नानायक्कर "भारत और श्रीलंका के वंचित नारी-समाज (उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद और महान साहित्यकार मार्टिन विक्रमसिंह के उपन्यासों के परिप्रेक्ष में)". International Journal of Hindi Research, Vol 9, Issue 1, 2023, Pages 1-6
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