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VOL. 9, ISSUE 4 (2023)
मैत्रेयी पुष्पा के उपन्यास ‘इदन्नमम’ में स्त्री सशक्तीकरण का वर्णन
Authors
गीता रानी
Abstract
मैत्रेयी पुष्पा हिंदी साहित्य में, नई पीढ़ी की जानी-मानी लेखिका हैं। मैत्रेयी पुष्पा के उपन्यास और कहानियां की कथावस्तु में महिला सशक्तिकरण की भावना सर्वोपरि है। महिला सशक्तिकरण में महिलाओं ने अपने स्वतंत्र अस्तित्व, अपने आत्मगौरव, अपने स्वाभिमान की खोज में पुरुषों के स्वामित्व के आगे झुकने से इनकार कर दिया है। महिला सशक्तिकरण, महिलाओं के शोषण के खिलाफ एक मजबूत विद्रोह है। मैत्रेयी पुष्पा ने अपने उपन्यासों में बदलते परिवेश और उनकी रोशनी में बदलते मानदंडों के माध्यम से, महिलाओं से संबंधित बुनियादी सवालों को उठाकर महिला सशक्तिकरण पर प्रकाश डाला है। हिंदी कथा साहित्य के प्रमुख हस्ताक्षरों में से एक, मैत्रेयी पुष्पा ने महिला चेतना और महिला सशक्तिकरण को लेकर हिंदी को उच्च कोटि का साहित्य दिया है। मैत्रेयी पुष्पा का उपन्यास ‘इदन्नमम’ प्रसिद्ध, खूब पढ़ा गया और बहु-सम्मानित रहा है। यह उपन्यास 1994 में नई दिल्ली से किताबघर प्रकाशन प्रकाशित हुआ, जिसने मैत्रेयी को एक प्रसिद्ध लेखक का दर्जा दिया।
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Pages:14-17
How to cite this article:
गीता रानी "मैत्रेयी पुष्पा के उपन्यास ‘इदन्नमम’ में स्त्री सशक्तीकरण का वर्णन". International Journal of Hindi Research, Vol 9, Issue 4, 2023, Pages 14-17
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