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VOL. 9, ISSUE 5 (2023)
छत्तीसगढ़ी साहित्य में स्त्री विर्मश
Authors
शिल्पी शुक्ला
Abstract
मुंशी प्रेमचंद जी ने कहा है
“यत्र नार्यस्तु पूजयन्ते रमन्ते तत्र देवता।“ अर्थात जहां स्त्री की पूजा और सम्मान होता है वहां पर देवता का वास होता है। मां शक्ति के द्वारा प्रभु शिव की आराधना की जाती है, वही भगवान शिव के द्वारा शक्ति की आराधना की जाती है। पुरूष में नारी के गुण आ जाते है तो वह महात्मा बन जाता है। नारी में पुरूष के गुण आ जाते है तो वह कुलटा बन जाती है।“
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Pages:33-35
How to cite this article:
शिल्पी शुक्ला "छत्तीसगढ़ी साहित्य में स्त्री विर्मश". International Journal of Hindi Research, Vol 9, Issue 5, 2023, Pages 33-35
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