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VOL. 9, ISSUE 5 (2023)
महान् समाज सुधारकः संत कबीर
Authors
Umashankar Ray
Abstract
संसार मे मानवीय मल्ूयो के महान प्रतिष्ठापक, समाजसुधारक के रूप मंे विख्यात संत काव्यधारा के प्रतिनिधि कवि कबीर का नाम हिन्दी साहित्य मंे बड़े आदर के साथ लिया जाता है। कबीर समाजसुधारक के साथ-साथ हिन्दी साहित्य के एक महान सामाजिक कवि थे जिन्होनंे शताब्दियो की सीमा का उल्लंघन कर दीर्ध काल तक भारतीय जनता का पथ आलोकित किया आरै सच्चे अर्थाे में मानव जन-जीवन का नायकत्त्व किया। उन्हानेे सामाज मंे व्याप्त रूढ़ियो तथा अन्धविश्वासो पर करारा व्यंग किया है। उन्हानेे धर्म का सम्बध सत्य आरै मानव कल्याण से जोड़कर समाज मंे व्याप्त रूढ़िवादी परंपरा का खंडन किया है। कबीर ने मानव जाति का ेसर्वश्रेष्ठ बताया है तथा अपने उपदेश मे यह भी बताया है कि सभी मानव एक समान है इन मंे से र्काइे भी उँचा या नीचा नहीं है। एक महान समाजसुधारक होने के कारण उन्हानेे ने समाज मंे फैले अनेक कुरूतीयो ंऔर बुराईयांे को दूर करने का पय्रास किया है। वे धार्मिक सहिष्णुता के पक्षधर कवि थे।
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Pages:38-40
How to cite this article:
Umashankar Ray "महान् समाज सुधारकः संत कबीर". International Journal of Hindi Research, Vol 9, Issue 5, 2023, Pages 38-40
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