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VOL. 10, ISSUE 2 (2024)
गोस्वामी तुलसीदासजी का व्यक्तित्व
Authors
गायत्री मुंजाजी पांचाळ
Abstract
तुलसी का जीवन भले ही बाल्यावस्था से वृध्दावस्था तक कष्टप्रद रहा किंतु उन्होंने अपने विविध ग्रंथो के माध्यम से एवं उनके प्रसिध्द मानसरुपी गंगा के दवारा लोगो के मन का मैल हटाकर समाज मे एकता की भावना का बीज पिरोया। भक्तिमार्ग को अपनाकर अपना जीवन सुलभ बनाते हुए सामान्य जनता मे कर्तव्य निष्ठा मुल्य को बिंबित किया। आज की तत्कालीन सामाजिक व्यवस्था को सुधारने मे मानस जैसा ग्रंथ आज भी प्रासंगिक एवं मौलिक नजर आता है
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Pages:14-16
How to cite this article:
गायत्री मुंजाजी पांचाळ "गोस्वामी तुलसीदासजी का व्यक्तित्व". International Journal of Hindi Research, Vol 10, Issue 2, 2024, Pages 14-16
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