ARCHIVES
VOL. 10, ISSUE 3 (2024)
हिंदी की प्रतिबंधित कविताओं मे राष्ट्रीयता (विशेष संदर्भ सात क्रांतिकारी जब्तशुदा काव्य संग्रह)
Authors
ज्योति, प्रवीण शर्मा
Abstract
“हिंदी की प्रतिबंधित कविताओं मे राष्ट्रीयता” (विशेष संदर्भ सात क्रांतिकारी जब्तशुदा काव्य संग्रह) शोधालेख में औपनिवेशिक कालीन भारतवर्ष के यथार्थ पर आधारित है। प्रस्तुत शोधालेख इन जब्तशुदा काव्य संग्रह में वर्णित विषय वस्तु को उल्लिखित करता है । समाज का प्रत्येक वर्ग भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में सम्मिलित रहा तो साहित्य जो समाज का प्रतिबिंब होता है वह इससे कैसे अछूता रहता? औपनिवेशिक कालीन भारतवर्ष के तत्कालीन यथार्थ पर आधारित इन प्रतिबंधित हिंदी कविताओं में राष्ट्रीयता,स्वाधीनता का स्वर मुखरित हुआ है। इन प्रतिबंधित हिंदी कविताओं में ब्रिटिश हुकूमत की गुलामी के दौरान भारतीय समाज का, तत्कालीन परिस्थितियों, राष्ट्रीय भावों, पराधीनता के बंधनों को तोड़ फेंकने का आदि का बड़ा हृदयगा्रही चित्रण किया है।
Download
Pages:23-26
How to cite this article:
ज्योति, प्रवीण शर्मा "हिंदी की प्रतिबंधित कविताओं मे राष्ट्रीयता (विशेष संदर्भ सात क्रांतिकारी जब्तशुदा काव्य संग्रह)". International Journal of Hindi Research, Vol 10, Issue 3, 2024, Pages 23-26
Pdf, Certificate, Cover Page, Index Page, Editorial Page, Accept Letter
Please enter the email address corresponding to this article submission.

