ARCHIVES
VOL. 11, ISSUE 2 (2025)
लोक जीवन की परिधि में कृष्णा सोबती के उपन्यास
Authors
पूनम लाकरा, आर. पी. गंगवार
Abstract
आधुनिक युग की सुविख्यात रचनाकार कृष्णा सोबती का नाम उन महिला कथाकारों में बड़े अदब से लिया जाता है, जिन्होंने अपने उपन्यासों के जरिए गाँव की आबोहवा तथा संस्कृति को जन-जन तक पहुँचाया। गौरतलब है कि उनके बचपन का अधिकांश समय गाँव के सौहार्दपूर्ण वातावरण में बीता था जिससे उन्हें लोक संस्कृति को करीब से जानने-समझने का अवसर प्राप्त हुआ। यही कारण है कि अपना ज्यादातर समय दिल्ली जैसे महानगर में व्यतीत करने के बावजूद भी उनके अंतः स्थल में गाँव की अनुभूतियाँ एवं स्मृतियाँ रची-बसी थी, जो विभिन्न उपन्यासों के जरिए समय-समय पर आकार ग्रहण करती रहीं। जैसे-‘मित्रो मरजानी’, ‘डार से बिछुड़ी’, ‘जैनी मेहरबान सिंह’, ‘चन्ना’ तथा ‘जिंदगीनामा’ इत्यादि।
Download
Pages:46-47
How to cite this article:
पूनम लाकरा, आर. पी. गंगवार "लोक जीवन की परिधि में कृष्णा सोबती के उपन्यास". International Journal of Hindi Research, Vol 11, Issue 2, 2025, Pages 46-47
Pdf, Certificate, Cover Page, Index Page, Editorial Page, Accept Letter
Please enter the email address corresponding to this article submission.

