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VOL. 11, ISSUE 3 (2025)
कृष्णा सोबती के कथा साहित्य में स्त्री की आत्मनिर्भरता और स्वतंत्रता-विशेष संदर्भ चन्ना
Authors
निधु कुमारी
Abstract
चन्ना उपन्यास में स्त्री की आत्मनिर्भरता और
स्वतंत्रता केवल व्यक्तिगत स्वतंत्रता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक
परिवर्तन की ओर भी इशारा कर रहा है। चन्ना का व्यक्तित्व उन सभी स्त्रियों के लिए
प्रेरणा स्रोत है, जो अपने जीवन के निर्णय स्वयं लेना चाहती है। भारत में
पितृसत्ता समाज में हर परिवार अपना वंश आगे बढ़ाने के लिए बेटे की कामना करता है।
जैसे चन्ना में भी शाह जी और श्यामा करते हैं, उन्हें लगता है कि लड़की तो केवल घर
ही संभाल सकती है, पर चन्ना ने उन सब दायित्वों को पूरी तरह तटस्थता के साथ पूरा
किया, जो एक बेटा कर सकता है ।
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Pages:93-96
How to cite this article:
निधु कुमारी "कृष्णा सोबती के कथा साहित्य में स्त्री की आत्मनिर्भरता और स्वतंत्रता-विशेष संदर्भ चन्ना". International Journal of Hindi Research, Vol 11, Issue 3, 2025, Pages 93-96
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