ARCHIVES
VOL. 11, ISSUE 4 (2025)
हिंदी कविता में पर्यावरण चेतनाः एक समीक्षात्मक अध्ययन
Authors
सन्तोष कुमारी
Abstract
वर्तमान समय में पर्यावरणीय संकट विश्व-स्तर की सबसे बड़ी समस्या बन चुका है। प्रकृति के संसाधनों का अंधाधुंध दोहन, प्रदूषण, वनों की कटाई, जलवायु परिवर्तन और शहरीकरण ने समस्त जीवन-जगत को असंतुलित बना दिया है। इस संकट से उबरने के लिए जहाँ विज्ञान और प्रौद्योगिकी की भूमिका है, वहीं साहित्य भी मानवीय चेतना को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हिंदी कविता ने आरंभ से ही प्रकृति और पर्यावरण को जीवन, संस्कृति और संवेदना का अभिन्न हिस्सा माना है। इस शोध-पत्र में भक्तिकाल से लेकर समकालीन काल तक की हिंदी कविताओं में पर्यावरण चेतना के स्वरूप का आलोचनात्मक अध्ययन किया गया है।
Download
Pages:5-8
How to cite this article:
सन्तोष कुमारी "हिंदी कविता में पर्यावरण चेतनाः एक समीक्षात्मक अध्ययन". International Journal of Hindi Research, Vol 11, Issue 4, 2025, Pages 5-8
Pdf, Certificate, Cover Page, Index Page, Editorial Page, Accept Letter
Please enter the email address corresponding to this article submission.

