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VOL. 12, ISSUE 1 (2026)
शेष कादम्बरीः वैश्वीकरण के दौर में बदलते जीवन मूल्यों की पड़ताल
Authors
सगीर अहमद
Abstract
कुल मिलाकर देखा जाए तो लेखिका ने व्यापक स्तर पर वैश्वीकरण के दौर में बदल रहे हमारे जीवन मूल्यों पर गहन विश्लेषण किया है। अंतरपीढ़ी से न जुड़ पाने की पीड़ा क्या होती है उपन्यास में उभरकर सामने आया है। इस बदलती संस्कृति में अकेलापन, संत्रास, घुटन आदि प्रकार की समस्याएं बराबर हमें पढ़ते हुए कचोटती हैं। लेखिका के इस छोटे से उपन्यास में व्यापक चिंताओं को देखा जा सकता है।
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Pages:227-229
How to cite this article:
सगीर अहमद "शेष कादम्बरीः वैश्वीकरण के दौर में बदलते जीवन मूल्यों की पड़ताल". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 1, 2026, Pages 227-229
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