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VOL. 12, ISSUE 4 (2026)
भारतीय ज्ञान प्रणाली के आलोक में हिन्दी साहित्य
Authors
डॉ. डी जयभारती
Abstract
भारतीय ज्ञान प्रणाली (Indian Knowledge System – IKS) एक समग्र बौद्धिक परंपरा है, जिसमें शास्त्रीय व्याख्याशास्त्र, सौंदर्य-दर्शन, शिक्षण-पद्धतियाँ तथा स्वदेशी ज्ञानमीमांसात्मक संरचनाएँ सम्मिलित हैं, जिनका विकास भारतीय उपमहाद्वीप में शताब्दियों के दौरान हुआ। यह शोधपत्र IKS और हिन्दी साहित्य के मध्य अंतर्संबंध का विश्लेषण करता है तथा यह प्रतिपादित करता है कि हिन्दी साहित्यिक परंपराएँ स्वदेशी ज्ञान-ढाँचों में गहराई से निहित हैं और समकालीन संदर्भों में भी उनसे व्याख्यात्मक ऊर्जा ग्रहण करती रहती हैं। भारतीय बौद्धिक परंपराओं, हिन्दी साहित्य के विकास तथा भाषा-नीति विमर्श पर आधारित समकक्ष-समीक्षित शोध के आधार पर यह अध्ययन तीन परस्पर संबद्ध आयामों की पहचान करता है: प्रथम, शास्त्रीय सौंदर्य-चिंतन और आधुनिक हिन्दी साहित्यिक रूपों के मध्य निरंतरता; द्वितीय, नीतिगत ढाँचों—विशेषतः राष्ट्रीय शिक्षा नीति (2020)—की संस्थागत भूमिका, जो लोक-आधारित ज्ञान प्रणालियों को सुदृढ़ करती है; तथा तृतीय, डिजिटल और वैश्विक परिवेश में हिन्दी साहित्य का रूपांतरण। अवधारणात्मक और साहित्य-आधारित कार्यप्रणाली के माध्यम से यह शोधपत्र साहित्यिक शिक्षण, अभिलेखीय अनुसंधान और अंतःविषय अध्ययन में IKS के एकीकरण के मार्गों को रेखांकित करता है, साथ ही पद्धतिगत कठोरता को अनिवार्य मानता है। निष्कर्षतः, IKS के साथ आलोचनात्मक एवं शास्त्रीय रूप से अनुशासित संवाद हिन्दी साहित्यिक अध्ययन को समृद्ध करता है, सांस्कृतिक निरंतरता को सुदृढ़ करता है तथा वैश्विक स्तर पर हिन्दी साहित्य की प्रतिष्ठा को उन्नत करता है, बिना शैक्षणिक मानकों से समझौता किए।
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Pages:52-55
How to cite this article:
डॉ. डी जयभारती "भारतीय ज्ञान प्रणाली के आलोक में हिन्दी साहित्य". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 4, 2026, Pages 52-55
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