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VOL. 2, ISSUE 3 (2016)
आरक्षण से परे स्त्री का सत्य
Authors
डाॅ0 रेनू आनन्द
Abstract
स्त्री एवं पुरूष समाज के महत्वपूर्ण अंग हैं। पुरूष जहां सामाजिक रूप से ज़्यादा सशक्त है वहीं स्त्री आज भी अपनी स्मिता एवं पहचान हेतु संघर्षरत है। इस लेख में स्त्री के उन्हीं बिन्दुओं पर चर्चा की गई है कि कैसे स्त्री अपनी सामाजिक स्थिति, आरक्षण के साथ एवं आरक्षण के बिना मज़बूत बना सकती है। इस लेख में स्त्री के विभिन्न पहलुओं पर व्यवहारिक ढंग से विचार व्यक्त किये गये हैं। इस आलेख के अंत में स्त्री के भविष्य को कैसे सुरक्षित एवं संरक्षित किया जा सकता है, पर चर्चा की गई है।
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Pages:40-41
How to cite this article:
डाॅ0 रेनू आनन्द "आरक्षण से परे स्त्री का सत्य". International Journal of Hindi Research, Vol 2, Issue 3, 2016, Pages 40-41
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