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VOL. 2, ISSUE 6 (2016)
नारी अस्मिता की पहचान “मीरा याज्ञिक की डायरी” के संदर्भ में
Authors
डॉ0 सूर्या बोस
Abstract
सामान्य नारी की मनस्थिति पर विचार करना जितना आसान समझते है; उतना आसान नहीं है। हरेक स्त्री की अपनी कहानी होती है, अपना अनुभव होता है। अनुभवों का आधार सामाजिक संरचना तथा स्थिति होते है। परिस्थितियाँ व्यक्ती की नियंता होती है। एकाकी स्त्रियों की पीड़ा क्या होती है, उनकी मानासिकता कैसी होती है उसका पहचान बिंदु भट्ट का लघु उपन्यास “मीरा याज्ञिक की डायरी” की मीरा, वृंदा, मीरा की माँ आदि की अवस्था से गुजरने के पश्चात हमें मालूम होता है।
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Pages:12-13
How to cite this article:
डॉ0 सूर्या बोस "नारी अस्मिता की पहचान “मीरा याज्ञिक की डायरी” के संदर्भ में". International Journal of Hindi Research, Vol 2, Issue 6, 2016, Pages 12-13
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