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VOL. 4, ISSUE 5 (2018)
यूनानी चिकित्सा पद्धति
Authors
डॉ. मो. हशमत ईमाम, डॉ. मोहम्मद इश्तियाक आलम
Abstract
460 - 377 ईसा पूर्व में यूनानी चिकित्सा विधि का पता चलता है। यूनानी चिकित्सा पद्धति विश्व की सबसे पुरानी उपचार पद्धतियों में से एक है जिसकी शुरुआत ग्रीस (यूनान) से हुई। भारत में यूनानी पद्धति अरब से आई और जल्द ही भारत में रच-बस गई। इसे भारत में लोकप्रिय बनाने का श्रेय हकीम अजमल खान को जाता है। यूनानी पद्धति मुख्यतः ह्युमरल थ्योरी- दम (रक्त), बलगम (कफा), सफरा (पीला पित्त) और सौदा (काला पित्त) पर आधारित है। यूनानी सिद्धांत और अवधारणाओं के अनुसार मानव शरीर सात प्राकृतिक और बुनियादी तत्वों से निर्मित है जो कि उमुर-ए-ताबेयह कहा जाता है, अच्छे स्वास्थ्य के रखरखाव के लिए ये ही जिम्मेदार हैं। यूनानी चिकित्सा स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और रोगों की रोकथाम करने हेतु औषधि उपचार, आहार उपचार, शल्यक्रिया और रेजिमेंटल के माध्यम से उपचार में विश्वास करती है।
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Pages:13-15
How to cite this article:
डॉ. मो. हशमत ईमाम, डॉ. मोहम्मद इश्तियाक आलम "यूनानी चिकित्सा पद्धति". International Journal of Hindi Research, Vol 4, Issue 5, 2018, Pages 13-15
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