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VOL. 5, ISSUE 4 (2019)
नाटक : पाठ से प्रस्तुति की ओर
Authors
डॉ. रोहित कुमार
Abstract
नाटक एक ऐसी विधा है जिसे पाठ की तरह पढ़ा और उसकी प्रस्तुति को देखा जा सकता है| किसी भी अन्य साहित्यिक पाठ में प्रस्तुति की शर्त अनिवार्य नहीं होती है| नाटक के साथ भी अनिवार्यता नहीं है किन्तु उसके पाठ को तैयार करते समय रंगमंचीय प्रस्तुति की सभी विधियों का अनुपालन करते हुए उसका उल्लेख करना होता है| इसे रंगसंकेत कहा जाता है| नाटक लेखक, पाठ और पाठक या रंगमंच और दर्शक के बीच एक यात्रा है जो नाटक को तय करनी होती है| इस पेपर में इस यात्रा को समझने और प्रस्तुत करने की कोशिश की गई है|
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Pages:51-53
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डॉ. रोहित कुमार "नाटक : पाठ से प्रस्तुति की ओर". International Journal of Hindi Research, Vol 5, Issue 4, 2019, Pages 51-53
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