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VOL. 7, ISSUE 5 (2021)
गिरीश कर्नाड के नाटकः मिथकीय एवं लोक कथा पर आधारित आधुनिक स्त्री-पुरुष संबंधों की व्याख्या (‘ययाति’और ‘हयवदन’ के विशेष संदर्भ में)
Authors
एन एम श्रीकांत
Abstract
गिरीश कर्नाड भारतीय नाट्य जगत में पौराणिक एवं मिथकीय आयामों को आधार बनाकर आधुनिक स्त्री-पुरुष संबंधों का गहरा चित्रण अपने नाटकों में करते हैं। वर्तमान समय में स्त्री पुरुष संबंधों पर विचार करना अनिवार्य है। समाज में संतुलित अवस्था बनाए रखने के लिए स्त्री एवं पुरुष का समान रूप से आगे बढ़ना जरूरी है। आधुनिक समाज में पूर्णता की तलाश में भटकते हुए लोग अनेक प्रकार के अंतर्द्वंद्व एवं संघर्ष का सामना करते हैं। इन अंतर्द्वंद्वों के कारण स्त्री एवं पुरुष के संबंधों पर गहरा बदलाव आया है। करनाड जी अपने नाटकों की सहायता से आधुनिक समाज के अंतर्द्वंद्व को व्यक्त करते हैं। अपने नाटकों में ऐतिहासिक पौराणिक एवं मिथकीय संदर्भों की सहायता से आधुनिक स्त्री पुरुष संबंधों की व्याख्या करते हैं। करनाड जी अपने नाटकों की सहायता से स्त्री पुरुष के आंतरिक संघर्षों, तनावों एवं यौन संबंधों की विडंबनाओं को प्रस्तुत करते हैं। प्रस्तुत आलेख में उनके नाटक ययाति और हयवदन की सहायता से मिथकीय एवं लोक कथा के आधार पर आधुनिक स्त्री पुरुष संबंधों की व्याख्या का अध्ययन करने का प्रयास किया है पर है।
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Pages:108-110
How to cite this article:
एन एम श्रीकांत "गिरीश कर्नाड के नाटकः मिथकीय एवं लोक कथा पर आधारित आधुनिक स्त्री-पुरुष संबंधों की व्याख्या (‘ययाति’और ‘हयवदन’ के विशेष संदर्भ में) ". International Journal of Hindi Research, Vol 7, Issue 5, 2021, Pages 108-110
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