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VOL. 12, ISSUE 1 (2026)
आधुनिक हिंदी साहित्य और आदिवासी समुदायः एक सैद्धांतिक विश्लेषण
Authors
राठोड बाबासाहेब हरिभाऊ, डॉ. ममता रानी
Abstract
यह शोध-पत्र आधुनिक हिंदी साहित्य में आदिवासी समुदाय के प्रतिनिधित्व, उनके जीवन-संघर्ष, सांस्कृतिक अस्मिता तथा समकालीन विमर्श की सैद्धांतिक पड़ताल प्रस्तुत करता है। अध्ययन में समकालीनता की अवधारणा, उपन्यास की संरचना, भाषा-शैली, पात्र-निर्माण तथा आदिवासी साहित्य की परंपराओं का विश्लेषण किया गया है। शोध में यह स्पष्ट किया गया है कि आधुनिक हिंदी साहित्य ने आदिवासी समाज की सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक समस्याओं को अभिव्यक्ति देने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। आदिवासी लेखन केवल शोषण और संघर्ष का चित्रण नहीं करता, बल्कि उनकी सांस्कृतिक चेतना, प्रकृति-प्रेम, सामुदायिक जीवन और ऐतिहासिक अनुभवों को भी सामने लाता है। अध्ययन यह भी दर्शाता है कि गैर-आदिवासी और आदिवासी लेखकों की दृष्टि में स्पष्ट अंतर दिखाई देता है, जहाँ आदिवासी लेखक अपने समुदाय के यथार्थ और आंतरिक संवेदनाओं को अधिक प्रामाणिक रूप से प्रस्तुत करते हैं। यह शोध आधुनिक हिंदी साहित्य में आदिवासी विमर्श की प्रासंगिकता और उसके सामाजिक-सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित करता है।
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Pages:291-294
How to cite this article:
राठोड बाबासाहेब हरिभाऊ, डॉ. ममता रानी "आधुनिक हिंदी साहित्य और आदिवासी समुदायः एक सैद्धांतिक विश्लेषण". International Journal of Hindi Research, Vol 12, Issue 1, 2026, Pages 291-294
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